कभी तुम्हारे बिना जीने का ख्याल नहीं था,अब शिकायत नहीं तुझसे, तू जैसा था, वैसा ही रहा, बस मेरी उम्मीदें बदल गईं।बिछड़ना तक़दीर में था, वरना, कौन किसी को दिल से निकाल सकता है?कभी लगा था तुमसे दूर हो कर जी नहीं सकते,अब हम उन्हीं यादों में जी रहे हैं जो कभी हमारे थे…!!!… Read More